Wednesday, September 29, 2010

मानव : एक मारा-दो बचाए




तराई पश्चिमी व प्रभाग के दक्षिणी जसपुर रेंज में सोमवार को एक लेपर्डकेट का शव बरामद हुआ है. इसकी मौत अज्ञात वाहन  की चपेट में आने से हुयी बताई जा रही है. यह जीव वास्तव में है क्या इस पर अभी संदेह बना हुआ है. घटना की जानकारी जहाँ से हुयी उसके मुताबिक इस रेंज के रेंजर प्रताप सिंह टम्टा ने दूरभाष से अपने मुख्यालय में सूचना दी क़ि एक तेंदुए के शावक की मौत हो गयी है. वहां पर जब वन विभाग की टीम चिकित्सकों को लेकर पहुंची तो वह लेपर्ड ना हो कर लेपर्ड केट  निकली. लेकिन यह लेपर्ड केट है या नहीं आप इसके चित्र देख कर मुझे भी बताएं. क्योंकि मुझे इसके रंग और वजन से अभी भी शक है क़ि यह शायद ही वह जीव हो जो हम समझ रहे हैं या फिशिंग केट है. इसका वजन करीब १० के जी निकला था. खैर जो भी हो एक अनुसूची एक के एक और जीव की मौत मानव भूल से ही हुयी है. कृपया वाहन चलाते समय ध्यान दे क़ि कही कोई निरीह जानवर आपके कारण किसी मुश्किल में ना पड़े. हाँ यह नर था और इसकी उम्र ८ से १० साल बताई गयी है.
   दूसरी खबर कॉर्बेट पार्क के होग डीयर की है. विगत दिनों प्रदेश में हुयी तेज़ बारिश से रामगंगा  में आई बाढ़ से दो होग डीयर (पाड़ा) बह गए थे. जो मुरादाबाद में लोगों को मिले. उन्होंने इन्हें पकडकर मुरादाबाद वन विभाग के रेंज ऑफिस में दे दिया. मंगलवार को इन्हें  मुरादाबाद के रेंज ऑफिस से यहाँ पहुंचा दिया गया. जहाँ कॉर्बेट के चिकित्सक डॉ. सत्यप्रिय गौतम भल्ला ने इनका परीक्षण किया.इनमे एक मादा होग डीयर गर्भवती है. जिसकी हालात जंगल में छोड़ने लायक नहीं है. अभी इन दोनों को बिजरानी में चिकित्सकीय परीक्षण में रखा गया है. गौरतलब है की पाड़ा कॉर्बेट में वैसे ही कम पाया जाता है. इसके लिए मुरादाबाद के नागरिकों को व वन विभाग को कॉर्बेट न्यूज़ की ओर से हार्दिक आभार क़ि इनकी सूझ बूझ से ना सिर्फ दो पाड़े बच गए बल्कि उनमे से एक जल्दी कॉर्बेट को नए मेहमान से भी मिलाने जा रही है.
  इस बारिश से कॉर्बेट नेशनल पार्क को करीब तीस करोड़ की क्षति का आंकलन किया गया है. इस बारिश से कॉर्बेट पार्क में भी भारी तबाही हुयी है. कॉर्बेट के दिल कहे जाने ढिकाला जोन में गोरखा और झिरना जाली के पास करीब ३५० मीटर सड़क बह गयी है. जिसके बाद कॉर्बेट पार्क के इस जोन के १५ नवम्बर तक खुलने की संभावना बहुत ही क्षीण है.

1 comment:

  1. Santosh Chamoli- ye kha dhanda suru kar diya, bariya hai ji
    Wednesday

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