Monday, April 21, 2014

दिसंबर २०१३ में बाघ सुरक्षा को शिकारियों ने बेधा

कॉर्बेट टायगर रिजर्व  और उसके आस-पास के वन क्षेत्रों में वन्य जीवो की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इस बीच घटनाये तो बहुत घटी पर उनमे से कुछ बड़ी घटनाओ पर एक नज़र डालते है.…।      
२१ दिसंबर २०१३ को तराई वेस्ट वन प्रभाग के हेमपुर डिपो में एक बार फिर बाघिन का शव बरामद हुआ था, जो फंदे में फंसकर मरी थी. इस बाघिन की मौत पर भी कई सवाल खड़े हुए.। बाद में विभाग ने इस मामले में वन विभाग ने दो आरोपी शिकारियों को पकड़ लिया था. पकड़े गए आरोपी पीपल पड़ाव व मालधन के निवासी हैं. तराई वेस्ट के डी एफ ओ राहुल के मुताबिक सुअर पकडने के लिए लगे क्लच वायर के इस फंदे में बाघ फंस गया.. जिसमे उसकी मौत हो गयी.।
  इससे पूर्व १४ दिसंबर को कॉर्बेट की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के अमानगढ़ रेंज के जसपुर कक्ष संख्या ५० में दो बाघों का शिकार हो गया.. जिसमे उत्तरप्रदेश की रेहड़ पुलिस,  यूं पी एस टी एफ, कॉर्बेट की एस ओ जी और नैनीताल पुलिस की एस ओ जी की सक्रियता के चलते दोनों बाघों की खालो, हड्डियों के साथ की बाघ पकड़ने के कड़के भी पकड़े गए.। जिसमे ११ आरोपी १६ दिसंबर को उपरोक्त वन्य जीव अंगो और हथियारों के साथ पकड़े गए,,, एक ही रात में दो बाघों की मौत से यू पी और उत्तराखंड के वन महकमों में हडक़म्प मचा रहा.। अफजलगढ़ में पकड़े गए इन आरोपियों की निशानदेही पर घटनास्थल से आठ कड़के, बाघ का मांस बरामद किया गया.। सभी आरोपी अफजलगढ़ के पास एक मेक्स गाड़ी में पकड़े गए.। इनमे से एक आरोपी पीलीभीत में बाघ के शिकार में वांछित आरोपी था.. जिसका फ़ोन सर्विलांस में लगा हुआ था जिसके चलते दो बाघों की मौत का पर्दाफाश हो सक…। संयोग से ही सही पर इन सब की सक्रियता के चलते यह मामला सामने आ सका और आरोपी सलाखों के पीछे पहुच सके.…
   इसके बाद २० दिसंबर को कॉर्बेट टायगर रिजर्व के ढेला रेंज के फीका  स्रोत से एक आरोपी शिकारी दबोचा गया.। एस ओ जी द्वारा  पकड़ा गया यह आरोपी यूं पी के अमानगढ़ और पीलीभीत में बाघ के शिकार में संलिप्त उमर का साथी तासीम बताया जा रहा है। यह भी बताया गया कि उमर ने तसीम को अमानगढ़ में २ बाघ मारने के लिए ३० हजार रुपये की सुपारी दी थी।
   इससे पहले १९ दिसंबर को रामनगर वन प्रभाग के कालाढूंगी वन रेंज के निहाल में एक ६ माल के गुलदार के शिशु का शव बरामद हुआ। इसे विभाग ने किसी बड़े मांस भक्षी का शिकार होना बताया।

  

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